पीडियाट्रिशियन सबसे पहले बच्चे के लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री को समझता है। इसके बाद वह शारीरिक जांच करता है और जरूरत पड़ने पर कुछ टेस्ट कराने की सलाह देता है। जांच के आधार पर वह दवाइयां, डाइट प्लान या अन्य उपचार सुझाता है। उसका उद्देश्य सिर्फ बीमारी ठीक करना ही नहीं बल्कि बच्चे का संपूर्ण विकास सुनिश्चित करना होता है।